Tag: Lord Shiva
माँ सिद्धिदात्री की साधना से अष्टसिद्धियों एवं नवनिधियों की होती है प्राप्ति
देवतागण, ऋषि-मुनि, असुर, नाग एवं मनुष्य सभी माँ के भक्त हैं। देवी की भक्ति जो भी हृदय से करता है,माँ उसी पर अपना स्नेह लुटाती हैं।...
दैत्यनाशक, उत्पातनाशक, रोगनाशक, गमननाशक एवं आमर्षनाशक हैं माँ दुर्गा !
माँ दुर्गा के नाम में आने वाले स्वरों एवं व्यंजनों में ही छुपा है उनका अर्थ। दुर्गा का संधिविच्छेद करने पर द, उ, र, ग तथा आ आता है।...
मनोवांछित वर,श्रेष्ठ संतान तथा अखंड सौभाग्य का व्रत है 'हरियाली तीज'
सावन के महीने में पड़ने वाली तीज को हरियाली तीज कहा जाता है। हरियाली तीज दिनांक 3 अगस्त दिन शनिवार को प्रारम्भ हो रही है। इसका शुभ...
मानव जीवन में क्यों है नीलकंठ महादेव कांवड़ यात्रा का गहन महत्व ?
सावन में आस्था, भक्ति, श्रद्धा एवं विश्वास से जुड़ी नीलकंठ महादेव की यात्रा दर्शनीय होती है। नीलकंठ महादेव के मार्गों पर केवल बम-बम...
विषपान के वक्त भगवान शिव ने क्यों किया था श्रीहरि विष्णु का स्मरण?
भगवान शिव जिसके आराध्य हों या फिर अगर कोई साधक शिवजी का ध्यान करता हो, तो उनके बारे में कई भाव मन में प्रस्फुटित होते हैं। जैसे कि...
क्या है नीलकंठ महादेव मंदिर की महिमा ?
नीलकण्ठ महादेव मंदिर की गणना उत्तर भारत के मुख्य शिव मन्दिरों में की जाती है। संभवतया इसीलिये भगवान नीलकण्ठ महादेव सर्वाधिक लोकप्रिय...
ऋषिकेश का नीलकंठ महादेव मंदिर, जहां भगवान शिव ने विषपान के उपरांत किया था विश्राम
नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश से लगभग 5500 फीट की ऊँचाई पर स्वर्ग आश्रम की पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। मुनी की रेती से नीलकंठ महादेव...
कैलाश मानसरोवर यात्रा का अर्थ है 'भगवान शिव से साक्षात संवाद' का अवसर
विदेश मंत्रालय इस कैलाश यात्रा का आयोजन प्रत्येक वर्ष जून से सितंबर के दौरान दो अलग-अलग मार्गों - लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड), और नाथू...

