A PHP Error was encountered

Severity: 8192

Message: Creation of dynamic property CI_URI::$config is deprecated

Filename: core/URI.php

Line Number: 101

Backtrace:

File: /home2/theinsai/public_html/thebiharplus.com/index.php
Line: 315
Function: require_once

Lord Shiva - The India Plus : News in Hindi, Latest & Breaking News Hindi, Taja Samachar, हिंदी समाचार, ताजा समाचार

Tag: Lord Shiva

द इंडिया प्लस विशेष

माँ सिद्धिदात्री की साधना से अष्टसिद्धियों एवं नवनिधियों की होती है प्राप्ति

देवतागण, ऋषि-मुनि, असुर, नाग एवं मनुष्य सभी माँ के भक्त हैं। देवी की भक्ति जो भी हृदय से करता है,माँ उसी पर अपना स्नेह लुटाती हैं।...

वुमनिया

दैत्यनाशक, उत्पातनाशक, रोगनाशक, गमननाशक एवं आमर्षनाशक हैं माँ दुर्गा !

माँ दुर्गा के नाम में आने वाले स्वरों एवं व्यंजनों में ही छुपा है उनका अर्थ। दुर्गा का संधिविच्छेद करने पर द, उ, र, ग तथा आ आता है।...

द इंडिया प्लस विशेष

मनोवांछित वर,श्रेष्ठ संतान तथा अखंड सौभाग्य का व्रत है 'हरियाली तीज'

सावन के महीने में पड़ने वाली तीज को हरियाली तीज कहा जाता है। हरियाली तीज दिनांक 3 अगस्त दिन शनिवार को प्रारम्भ हो रही है। इसका शुभ...

द इंडिया प्लस विशेष

मानव जीवन में क्यों है नीलकंठ महादेव कांवड़ यात्रा का गहन महत्व ?

सावन में आस्था, भक्ति, श्रद्धा एवं विश्वास से जुड़ी नीलकंठ महादेव की यात्रा दर्शनीय होती है। नीलकंठ महादेव के मार्गों पर केवल बम-बम...

द इंडिया प्लस विशेष

विषपान के वक्त भगवान शिव ने क्यों किया था श्रीहरि विष्णु का स्मरण?

भगवान शिव जिसके आराध्य हों या फिर अगर कोई साधक शिवजी का ध्यान करता हो, तो उनके बारे में कई भाव मन में प्रस्फुटित होते हैं। जैसे कि...

द इंडिया प्लस विशेष

क्या है नीलकंठ महादेव मंदिर की महिमा ?

नीलकण्ठ महादेव मंदिर की गणना उत्तर भारत के मुख्य शिव मन्दिरों में की जाती है। संभवतया इसीलिये भगवान नीलकण्ठ महादेव सर्वाधिक लोकप्रिय...

द इंडिया प्लस विशेष

ऋषिकेश का नीलकंठ महादेव मंदिर, जहां भगवान शिव ने विषपान के उपरांत किया था विश्राम

नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश से लगभग 5500 फीट की ऊँचाई पर स्वर्ग आश्रम की पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। मुनी की रेती से नीलकंठ महादेव...

द इंडिया प्लस विशेष

कैलाश मानसरोवर यात्रा का अर्थ है 'भगवान शिव से साक्षात संवाद' का अवसर

विदेश मंत्रालय इस कैलाश यात्रा का आयोजन प्रत्येक वर्ष जून से सितंबर के दौरान दो अलग-अलग मार्गों - लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड), और नाथू...